Sunday, 24 May 2015



 बचपन बचा लो 


बचपन बचालो मेरा माँ मैं भी खेलना चाहता हूँ 
चप्पल की मार अब नही झेलना चाहता हूँ 
बचपन बचा ............
दम  घुट रहा है मेरा 
मैं बोझ के नीचे  दबा जा रहा हूँ 
पढ़ना  चाहता हूँ मैं भी 
पर पोछे  संग घिसा जा रहा हूँ 
बचपन बचा लो........
वो नही समझेंगे दर्द मेरा 
जो मेरे खरीददार हैं 
माँ तुम यह न कहना 
गरीबी के आगे हम भी लचर हैं 
बचपन बचा लो..........


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