बचपन बचा लो
बचपन बचालो मेरा माँ मैं भी खेलना चाहता हूँ
चप्पल की मार अब नही झेलना चाहता हूँ
बचपन बचा ............
दम घुट रहा है मेरा
मैं बोझ के नीचे दबा जा रहा हूँ
पढ़ना चाहता हूँ मैं भी
पर पोछे संग घिसा जा रहा हूँ
बचपन बचा लो........
वो नही समझेंगे दर्द मेरा
जो मेरे खरीददार हैं
माँ तुम यह न कहना
गरीबी के आगे हम भी लचर हैं
बचपन बचा लो..........
No comments:
Post a Comment