घुटन
एक तमन्ना ने ली अंगड़ाई
मैं झूम उठी
पर उसे बर्दास्त नही हुआ
कुचल डाला
मैं रोई
रोती रही
आंसूओ से धो डाला
और फिर से चहकने लगी
एक तमन्ना फिर से जागी
उसे भी कुचल डाला
रोई, फिर से आपने घाव धोई
एक के बाद एक तमन्ना
दाम तोड़ती गई
दफ़न होती गई
उस दफ़न की सड़न
जिंदगी की घुटन बन गई है
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